Constitution अनुच्छेद १०० : सदनों में मतदान, रिक्तियों के होते हुए भी सदनों की कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति ।

भारत का संविधान अनुच्छेद १०० : सदनों में मतदान, रिक्तियों के होते हुए भी सदनों की कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति । १)इस संविधान में यथा अन्यथा उपबंधित के सिवाय, प्रत्येक सदन की बैठक में या सदनों की सयुक्त बैठक में सभी प्रश्नों का…

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Constitution अनुच्छेद ९९ : सदस्यों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान ।

भारत का संविधान कार्य संचालन अनुच्छेद ९९ : सदस्यों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान । संसद् के प्रत्येक सदन का प्रत्येक सदस्य अपना स्थान ग्रहण करने से पहले, राष्ट्रपति या उसके द्वारा इस निमित्त नियुक्त व्यक्ति के समक्ष, तीसरी अनुसूची में इस प्रयोजन के लिए दिए…

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Constitution अनुच्छेद ९८ : संसद् का सचिवालय ।

भारत का संविधान अनुच्छेद ९८ : संसद् का सचिवालय । १)संसद् के प्रत्येक सदन का पृथक् सचिवीय कर्मचारिवृंद होगा : परन्तु इस खंड की किसी बात का यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि वह संसद् के दोनों सदनों के लिए सम्मिलित पदों के सृजन को…

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Constitution अनुच्छेद ९७ : सभापति और उपसभापति तथा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन और भत्ते।

भारत का संविधान अनुच्छेद ९७ : सभापति और उपसभापति तथा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन और भत्ते। राज्य सभा के सभापति और उपसभापति को तथा लोक सभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को, ऐसे वेतन और भत्तों का जो संसद्, विधि द्वारा, नियत करे और जब…

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Constitution अनुच्छेद ९६ : जब अध्यक्ष या उपाध्यक्ष को पद से हटाने का कोई संकल्प विचाराधीन है तब उसका पीठासीन न होना ।

भारत का संविधान अनुच्छेद ९६ : जब अध्यक्ष या उपाध्यक्ष को पद से हटाने का कोई संकल्प विचाराधीन है तब उसका पीठासीन न होना । १) लोक सभा की किसी बैठक में, जब अध्यक्ष को उसके पद से हटाने का संकल्प विचाराधीन है तब अध्यक्ष,…

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Constitution अनुच्छेद ९५ : अध्यक्ष के पद के कर्तव्यों का पालन करने या अध्यक्ष के रूप में कार्य करने की उपाध्यक्ष या अन्य व्यक्ति की शक्ति।

भारत का संविधान अनुच्छेद ९५ : अध्यक्ष के पद के कर्तव्यों का पालन करने या अध्यक्ष के रूप में कार्य करने की उपाध्यक्ष या अन्य व्यक्ति की शक्ति। १)जब अध्यक्ष का पद रिक्त है तब उपाध्यक्ष, या यदि उपाध्यक्ष का पद भी रिक्त है तो…

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Constitution अनुच्छेद ९४ : अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद रिक्त होना, पद त्याग और पद से हटाया जाना ।

भारत का संविधान अनुच्छेद ९४ : अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद रिक्त होना, पद त्याग और पद से हटाया जाना । लोक सभा के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के रूप में पद धारण करने वाला सदस्य- क) यदि लोक सभा का सदस्य नहीं रहता है तो…

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Constitution अनुच्छेद ९३ : लोक सभा का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ।

भारत का संविधान अनुच्छेद ९३ : लोक सभा का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष । लोक सभा, यथाशक्य शीघ्र, अपने दो सदस्यों को अपना अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनेगी और जब-जब अध्यक्ष या उपाध्यक्ष का पद रिक्त होता है तब-तब लोक सभा किसी अन्य सदस्य को, यथास्थिति, अध्यक्ष…

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Constitution अनुच्छेद ९२ : जब सभापति या उपसभापति को पद से हटाने का कोई संकल्प विचाराधीन है तब उसका पीठासीन न होना ।

भारत का संविधान अनुच्छेद ९२ : जब सभापति या उपसभापति को पद से हटाने का कोई संकल्प विचाराधीन है तब उसका पीठासीन न होना । १) राज्य सभा की किसी बैठक में, जब उपराष्ट्रपति को उसके पद से हटाने का कोई संकल्प विचाराधीन है तब…

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Constitution अनुच्छेद ९१ : सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन करने या सभापति के रूप में कार्य करने की उपसभापति या अन्य व्यक्ति की शक्ति ।

भारत का संविधान अनुच्छेद ९१ : सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन करने या सभापति के रूप में कार्य करने की उपसभापति या अन्य व्यक्ति की शक्ति । १) जब सभापति का पद रिक्त है या ऐसी अवधि में जब उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति के रूप…

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Constitution अनुच्छेद ९० : उपसभापति का पद रिक्त होना, पदत्याग और पद से हटाया जाना ।

भारत का संविधान अनुच्छेद ९० : उपसभापति का पद रिक्त होना, पदत्याग और पद से हटाया जाना । राज्य सभा के उपसभापति के रूप में पद धारण करने वाला सदस्य - क) यदि राज्य सभा का सदस्य नहीं है तो अपना पद रिक्त कर देगा;…

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Constitution अनुच्छेद ८९ : राज्य सभा का सभापति और उपसभापति ।

भारत का संविधान संसद् के अधिकारी : अनुच्छेद ८९ : राज्य सभा का सभापति और उपसभापति । १) भारत का उपराष्ट्रपति राज्य सभा का पदेन सभापति होगा । २)राज्य सभा, यथाशक्य शीघ्र अपने किसी सदस्य को अपना उपसभापति चुनेगी और जब-जब उपसभापति का पद रिक्त…

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Constitution अनुच्छेद ८८ : सदनों के बारे में मंत्रियों और महान्यायवादी के अधिकार ।

भारत का संविधान अनुच्छेद ८८ : सदनों के बारे में मंत्रियों और महान्यायवादी के अधिकार । प्रत्येक मंत्री और भारत के महान्यायवादी को यह अधिकार होगा कि वह किसी भी सदन में, सदनों की किसी सयुक्त बैठक में और संसद् की किसी समिति में, जिसमें…

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Constitution अनुच्छेद ८७ : राष्ट्रपति का विशेष अभिभाषण ।

भारत का संविधान अनुच्छेद ८७ : राष्ट्रपति का विशेष अभिभाषण । १)राष्ट्रपति, १.(लोक सभा के लिए प्रत्येक साधारण निर्वाचन के पश्चात् प्रथम सत्र ) के आरंभ में १(और प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र के आरंभ में) एक साथ समवेत संसद् के दोनों सदनों में अभिभाषण…

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Constitution अनुच्छेद ८६ : सदनों में अभिभाषण का और उनको संदेश भेजने का राष्ट्रपति का अधिकार ।

भारत का संविधान अनुच्छेद ८६ : सदनों में अभिभाषण का और उनको संदेश भेजने का राष्ट्रपति का अधिकार । १)राष्ट्रपति, संसद् के किसी एक सदन में या एक साथ समवेत दोनों सदनों में अभिभाषण कर सकेगा और इस प्रयोजन के लिए सदस्यों की उपस्थिति की…

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Constitution अनुच्छेद ८५ : संसद् के सत्र सत्रावसान और विघटन ।

भारत का संविधान अनुच्छेद ८५ : १.(संसद् के सत्र सत्रावसान और विघटन । १) राष्ट्रपति समय- समय पर, संसद् के प्रत्येक सदन को ऐसे समय और स्थान पर, जो वह ठीक समझे, अधिवेशन के लिए आहूत करेगा, किन्तु उसके एक सत्र की अंतिम बैठक और…

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Constitution अनुच्छेद ८४: संसद् की सदस्यता के लिए अर्हता ।

भारत का संविधान अनुच्छेद ८४: संसद् की सदस्यता के लिए अर्हता । कोई व्यक्ति संसद् के किसी स्थान को भरने के लिए चुने जाने के लिए अर्हित तभी होगा जब - १.(क)वह भारत का नागरिक है और निर्वाचन आयोग द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत किसी व्यक्ति…

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Constitution अनुच्छेद ८३ : संसद् के सदनों की अवधि ।

भारत का संविधान अनुच्छेद ८३ : संसद् के सदनों की अवधि । १)राज्य सभा का विघटन नहीं होगा, किन्तु उसके सदस्यों में से यथा संभव निकटतम एक- तिहाई सदस्य, संसद् द्वारा विधि द्वारा इस निमित्त किए गए उपबंधों के अनुसार,प्रत्येक द्वितीय वर्ष की समाप्ति पर…

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Constitution अनुच्छेद ८२ : प्रत्येक जनगणना के पश्चात् पुन: समयोजन ।

भारत का संविधान अनुच्छेद ८२ : प्रत्येक जनगणना के पश्चात् पुन: समयोजन । प्रत्येक जनगणना की समाप्ति पर राज्यों को लोक सभा में स्थानों के आबंटन और प्रत्येक राज्य के प्रादेशिक निर्वाचन- क्षेत्रों में विभाजन का ऐसे प्राधिकारी द्वारा और ऐसी रीति से पुन: समायोजन…

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Constitution अनुच्छेद ८१ : लोक सभा की संरचना ।

भारत का संविधान अनुच्छेद ८१ : लोक सभा की संरचना । १.(१) २.(अनुच्छेद ३३१ के उपबंधों के अधीन रहते हुए ३.(***)) लोक सभा - क) राज्यों में प्रादेशिक निर्वाचन- क्षेत्रों से प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने गए ४.(पांच सौ तीस ) से अनधिक ४.(सदस्यों), और ख)…

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